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गुरुदेव आचार्य जी का बचपन 1. आचार्य जी का बचपन गाँव मे ही बिता बचपन से ही उनका झुकाव अध्यात्म और साधना की ओर अधिक था | 2. आचार्य जी नर सेवा को ही नारायण सेवा मानते थे | वे जात - पात मे विशवास नहीं रखते थे | उन्होंने किशोराअवस्था मे ही समाज सुधारक की रचनात्मक प्रविर्तिया चलाना आरंभ कार दी थी | गुरुदेव एक महान स्वतंत्रता सेनानी परतंत्र भारत के प्रतंत्र होने की पीरा उन्हें बहुत सताती थी वर्ष 1927 – 1933 तक स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में अपने संक्रिय भुमिका का निर्वाहन किया | और वे कई बार जेल भी गए जेल मे भी अपने साथियों को शिक्षण दिया करते थे | और वे वहाँ से अंग्रजी सिखकार लौटे | गुरुदेव के गुरु श्री पंडित मदन मोहन मालवीय जी दादा गुरुदेव गुरु देव के प्रथम गुरु श्री पंडित मदन मोहन मालवीय जी - उनके प्रथम गुरु श्री पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने उन्हें काशी में सर्वश्रेष्ट मंत्र कहे जाने वाले गायत्री मंत्र की शिक्षा दी | गुरुदेव के कार्य उद्देश्य गुरुदेव के कार्य उद्देश्य - उन्होंने आधुनिक...
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